MLA अदिति सिंह पर हुए हमले पर क्यों चुप है पुलिस विभाग?

MLA अदिति सिंह पर हुए हमले पर क्यों चुप है पुलिस विभाग?

उत्तर प्रदेश पुलिस ट्विटर से लेकर हर सोशल मीडिया प्लेटफोर्म पर एक्टिव नजर आती हैं, कोई भी मामला हो तत्काल कार्रवाई और जवाबदेही में पीछे नहीं हटती, ऐसे में मंगलवार को रायबरेली में एक विधायक पर हुए हमले पर पूरा पुलिस महकमा चुप्पी साधे हुआ है। न तो व्हाट्स ग्रुप में हो रही चर्चा में शामिल हो रहा है और न ही प्रेस ब्रीफिंग के लिए ही आने की जहमत उठा रहा है, ऐसे में क्या ये मान लिया जाए कि विधायक अदिति सिंह ने जो आरोप पुलिस पर लगाये है वो सही हैं? क्या सच में एसपी की मिलीभगत से एक विधायक पर जानलेवा हमला किया गया था?

आईजी, एडीजी और डीजीपी किसी का नहीं आया मामले में बयान:

एमएलए अदिति सिंह पर हुए हमले के बाद से पुलिस महकमा चुप्पी साधे हुआ है, जवाबदेही के नाम पर सभी बोलती बंद है। एसएसपी से लेकर एडीजी और डीजीपी कार्यालय तक कोई जवाब देने को तैयार नहीं। हालाँकि मंगलवार शाम इस मामले में आईजी क्राइम की प्रेस ब्रीफिंग भी होने वाली थी। मीडिया पहुँच गयी, इंतज़ार करती रही लेकिन एक भी पुलिसकर्मी या अफसर एनएक्ससी पहुंचा ही नहीं।

सोशल मीडिया ग्रुप में साधी चुप्पी, प्रेस ब्रीफिंग से भी गायब रहे अफसर:

सोशल मीडिया, ख़ास कर पुलिस व्हाट्सएप ग्रुप में भी पुलिस विभाग से, आईजी, एडीजी से इस बारे में पूरा दिन सवाल किये जाते रहे लेकिन एक लीटर कच्ची शराब और छुट भैया किस्म के चोरों को पकड़ने वाली वो पुलिस, जो तत्काल मीडिया बुला कर प्रेस वार्ता करने बैठ जाती है, इतने बड़े मामले में अपने दफ्तरों के खिड़की दरवाजे बंद कर छुप कर बैठी नजर आई।

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पुलिस के अलावा अफसरों से सवाल?

-वहीं पुलिस की इस गैरजिम्मेदाराना हरकत से उनकी जमकर किरकिरी हो रही है, इतने बड़े मामले में शांत रहने की वजह क्या है?

-एमएलए अदिति सिंह ने आरोप लगाये थे कि पुलिस की मिलीभगत से उनपर हमला हुआ, तो क्या उनके आरोप सच है, जिसके चलते पुलिस विभाग कुछ भी बोलने से कतरा रहा है?

-अगर ऐसा है भी तो क्या इसपर तत्काल एक्शन लेकर बड़े अफसरों की जवाबदेही नहीं बनती?

क्या है मामला:

दरअसल मंगलवार को कांग्रेस विधायक अदिति सिंह समेत रायबरेली जिला पंचायत सदस्य, अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर हो रही वोटिंग के लिए जा रहे थे, इस दौरान उनपर कुछ दबंगों ने हमला किया, वहीं पीछा करने के दौरान एमएलए की गाड़ी पलट गयी और वह चोटिल हो गयी। हालाँकि वह बाल बाल बच गयी लेकिन बड़ा सवाल ये है कि 15 से 20 नकाबपोश दबंग दिन दहाड़े ये सब करते रहे और पुलिस का कोई अतापता ही नहीं था।

गौरतलब बात ये हैं कि जिला पंचायत सदस्य ने इस मामले में पहले ही एसएसपी को पत्र भेज सुरक्षा की मांग की थी, लेकिन फिर भी ये हमला हुआ और सुरक्षा तो दूर एक भी पुलिस कर्मी इस दौरान कही नजर नहीं आया।

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