यूपी पुलिस मना रही ‘आतंकवाद विरोधी दिवस’

यूपी पुलिस मना रही ‘आतंकवाद विरोधी दिवस’

इन दिनों विश्वस्तरीय सबसे बड़ी और प्रमुख समस्या है, आतंकवाद। ऐसी आतंक और खौफ को ख़त्म करने के उद्देश्य से भारत आज यानी 21 मार्च को आतंकवाद विरोधी दिवस के तौर पर मना रहा है। जिसके तहत सभी कार्यालयों, पुलिस स्टेशनों में आतंकवाद के खिलाफ तथस्ट खड़े रहने और आतंकवादी किसी भी गतिविधि का हिस्सा न बनने को लेकर शपथ दिलाई जा रही है।

एडीजी जोन बरेली ने दिलाई पुलिसकर्मियों को शपथ:

उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग भी आज आतंकवाद विरोधी दिवस मना रहा है। इस क्रम में यूपी पुलिस के सभी थानों में आलाधिकारियों ने पुलिसकर्मियों को आतंकवाद, हिंसा और मानव जीवन मूल्य को खतरा पहुंचाने वाली और विघटनकारी शक्तियों से लड़ने की शपथ दिलवाई।

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सभी थानों की पुलिस मना रही आतंकवाद विरोधी दिवस:

इसमें बरेली, बिजनौर और पीलीभीत जिले की पुलिस समेत सभी जिलो के पुलिसकर्मियों ने आतंकवाद विरोधी दिवस मनाया।

एसपी पीलीभीत मनोज कुमार सोनकर ने पुलिसकर्मियों को आतंकवाद से लड़ने, हिंसा के खतरों और सामूहिक रूप से देश पर लड़ने वाले इसके दुष्प्रभावों के प्रति समाज को जागरुक करने की ओर प्रेरित किया।

आतंकवाद विरोधी दिवस का मकसद:

बता दें कि आतंकवाद जैसी समस्या से निपटने के लिए भारत ने 21 मई का दिन ही इसको समर्पित कर दिया है। हर साल 21 मई को पूरे देश में आतंकवाद विरोधी दिवस मनाया जाता है। इसका मकसद लोगों को आतंकवाद के समाज विरोधी कृत्य से लोगों को अवगत कराना है। आतंकवाद की वजह से लोगों को जानमाल का कितना नुकसान उठाना पड़ता है, उससे भी लोगों को अवगत कराया जाता है।

आज के दिन क्यों मनाया जाता है आतंकवाद विरोधी दिवस?

21 मई, 1991 को तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या कर दी गई थी। उनकी हत्या के बाद ही 21 मई को आतंकवाद विरोधी दिवस के तौर पर मनाने का फैसला किया गया। इस दिन हर सरकारी कार्यालयों, सरकारी उपक्रमों और अन्य सरकारी संस्थानों में आतंकवाद विरोधी शपथ दिलाई जाती है।

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