मुख़बिर न बनने पर पुलिस की प्रताड़ना से तंग युवकों ने की आत्महत्या की कोशिश

मुख़बिर न बनने पर पुलिस की प्रताड़ना से तंग युवकों ने की आत्महत्या की कोशिश

उत्तर प्रदेश के वाराणसी जनपद से बेहद ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां पुलिस बहुत ही संगीन आरोप लगा है। वैसे तो पुलिस पर आरोप लगते रहते हैं। कभी रिश्वत खोरी के तो कभी फरियादियों की फ़रियाद न सुनने पर। किन्तु इस बार तो आरोप लग रहा है वह इनसे भी कहीं बड़ा मामला है। आपको बता दें वाराणसी पुलिस पर युवकों को मुखबिर बनाने के लिए प्रताड़ित करने का आरोप है।

पुलिस की शर्मनाक घटना से अजीज आकर युवक ने आत्महत्या की असफल कोशिश की। इलाज के दौरान युवाओं ने पत्रकारों को बताया कि पुलिस के कहने पर मुखबिरी न करने पर पुलिस ने उन्हें थर्ड डिग्री देकर प्रताड़ित किया। जिससे परेशान होकर उन्होंने आत्महत्या करने की कोशिश की।

यह है पूरी जानकारी

प्राप्त जानकारी के अनुसार, वाराणसी के सिगरा थाने में पिछले 3 दिनों से बंद दो युवकों ने ब्लेड द्वारा अपने शरीर पर काटकर आत्महत्या करने की कोशिश की। जानकारी होने पर आनन-फानन में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उन सब का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें इतना टॉर्चर किया कि हम आत्महत्या करने पर मजबूर हो गए।

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मुखबिर न बनने पर बंद कर दिया

बता दें कि दीपक विंद पुत्र बच्चे लाल बिंद, निवासी माधोपुर, को दो दिन पूर्व सिगरा पुलिस व क्राइम ब्रांच के सिपेहकार ने लॉकअप में बन्द किया। बताया जा रहा है कि वकील साहब की मदद से मुखबिर बनने पर दबाव दे रही थी। पुलिस तो दो दिन बाद भेलूपुर थाना को सौंप दिया गया। इसके बाद जो हुआ देखकर आपकी रूह कांप जाएगी।

की आत्महत्या की कोशिश

बता दें पुलिस से प्रताड़ित दोनों युवकों ने भेलूपुर थाने के अंदर आत्महत्या करने की पूरी कोशिश की। किन्तु किसी तरीके से पुलिस दोनों को निजी अस्पताल में भर्ती कर बचाने में सफल रही। बता दें कि अभी तक किस मामले में मुखबिर बनाने की पुलिस कोशिश कर रही थी, इसका खुलासा नहीं हो सका है।

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