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देखें वीडियो: सड़क पर महिलाओं की ‘जंग’

मारपीट करती महिलाएं

देखें वीडियो: सड़क पर महिलाओं की ‘जंग’

सोशल मीडिया पर बड़ी तेजी से एक वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें दो पक्ष की महिलाएं एक दूसरे को जमकर पीटती नजर आ रही है। बताया जा रहा है कि ये वीडियो कुछ दिन पुराना है जोकि अब तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो को देखकर पता चलता है कि महिलाएं मुस्लिम हैं और एक दूसरे पर थप्पड़, चप्पलों की बारसात कर रही है।

वायरल हो रही खबर के मुताबिक ये वीडियो मप्र की राजधानी भोपाल के चौक बाजार का है। यहां गाड़ी टकराने से दो महिलाएं आपस में भिड़ गईं। जिसके बाद जमकर मारपीट हुई। इस दौरान जब एक व्यक्ति बीच बचाव करने आया तो उसपर भी एक युवती टूट पड़ी। जिसके बाद वहां खड़े लोग तमाशा देखते रहे और दोनों पक्षों में जकर थप्पड़ और चप्पलें चली।

ये वीडियो भोपाल का ही है इसकी पुष्टि policenewsup.com नहीं करता है।

शाम के समय यूपी 100 को मिलता है बड़ा चैलेंज

यूपी 100 ने अपने दो साल का सफर बेहद सफलता के साथ पूरा किया। इन दो सालों में तत्काल सेवा देने के नाम पर यूपी 100 की पीआरवी ने उत्कृष्टता के साथ काम किया। इसी कड़ी में यूपी 100 ने आने वाले साल सड़क परिवहन विभाग, कॉल 112, महिला सुरक्षा डायल 1090, समेत कई अन्य विभागों से जुड़ने का लक्ष्य तय किया है।

इस कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि शाम का समय यूपी 100 के लिए बहुत चुनौतीपूर्ण होता है। जिसमें छेड़छाड़ की घटनाएं बढ़ जाती हैं। जिसके लिए यूपी 100 को ज्यादा सतर्क रहना पड़ता है। साथ ही गश्त करते समय भी काफी चौकन्ना रहना पड़ता है। प्रदेश भर में होने वाली छेड़छाड़ की घटनाएं शाम छह बजे से दस बजे तक ज्यादा होती हैं। साथ ही डायल 100 के पास आने वाली छेड़छाड़ की शिकायतों की कॉल भी 44% बढ़ जाती हैं।

बता दें, इस छेड़छाड़ वाली घटनाओं को रोकने के लिए कई तरह के अभियान चलाए गए हैं। शाम 6 बजे से रात 10 बजे के बीच सबसे अधिक बच्चियों और महिलाओं का कोचिंग, बाजार और ऑफिस के कारण बाहर निकलने का समय होता है। ऐसे में भीड़-भाड़ और सुनसान रास्तों पर उन्हें अश्लील कमेंट्स और छेड़छाड़ का सामना करना पड़ता है। इसी तरह दोपहर 12 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच स्कूल और कॉलेज के छूटने का समय होता है। इस दौरान स्कूल कॉलेज के आसपास सर्वाधिक वारदातें होती हैं। अगर पुलिस इसके अनुसार चेकिंग और अन्य योजना बनाए तो छेड़छाड़ की वारदातों को कम किया जा सकता है।

बता दें, इसी कड़ी में अब यूपी 100 का लक्ष्य कुछ प्रमुख विभाग के समन्वय से हर स्तर पर लोगों को सुरक्षा और सहायता उपलब्ध करवाना है।

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