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पुलिस की लापरवाही से हर रोज धुआं हो रहे 50 लाख

पुलिस की लापरवाही से हर रोज धुआं हो रहे 50 लाख

उत्तर प्रदेश में बढ़ रही जाम की समस्या पर लगाम कसती नहीं दिख रही है, इसका सीधा असर लोगों जेब पर भी पड़ रहा है। मेरठ जिले में औसतन रोजाना 50 लाख रुपये इस जाम में धुआं हो रहे हैं। दिन प्रतिदिन गंभीर होती जा रही इस समस्या का ट्रैफिक (Traffic) पुलिस कोई समाधान निकालने में विफल साबित हो रही है।

पुलिस की है लापरवाही

जानकारी के मुताबिक, वर्तमान में जिले भर में आठ लाख से अधिक वाहन दौड़ रहे हैं। जबकि शहर में करीब तीन लाख वाहनों का प्रतिदिन आवागमन होता है। जिनमें से एक लाख वाहन ऐसे हैं, जिन्हें शहर को पार करने में जाम से जूझना पड़ता है। भीषण जाम भी नहीं लगे और वाहन रेंगते रहें तो भी शहर को पार करने में वाहनों को करीब आधा घंटा से अधिक लगता है।

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लोगों का फूंक रहा पैसा

आपको बता दें कि ट्रैफिक पुलिस के अनुसार जाम से जूझने वाले करीब एक लाख वाहनों में 60 हजार चौपहिया तो 40 हजार दोपहिया हैं। शहर को पार करने में एक वाहन का आधा घंटे में एक लीटर तेल अधिक खर्च होता है।

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चार पहिया वाहनों में पेट्रोल, डीजल और सीएनजी को देखते हुए औसत ईंधन मूल्य के अनुसार 60 हजार लीटर ईंधन की कीमत 42 लाख रुपये के करीब बैठती है। दोपहिया वाहन 15 से 20 मिनट देरी से निकलते हैं तो बीस रुपये का पेट्रोल अतिरिक्त खर्च होता है। दो पहिया वाहनों पर पेट्रोल की कीमत आठ लाख रुपये है। ऐसे करीब 50 लाख रुपये का अतिरिक्त ईंधन फुंक रहा है।

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