खुलासा: अधिकारियों की मदद से असलहा खरीद नक्सलियों को होती है सप्लाई

खुलासा: अधिकारियों की मदद से असलहा खरीद नक्सलियों को होती है सप्लाई

उत्तर प्रदेश के कानपुर जनपद से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एटीएस ने अपनी एक जांच के दौरान चौंकाने वाला खुलासा किया है। बता दें एटीएस की जांच में खुलासा हुआ है कि असलहा तस्कर प्रशासनिक अधिकारियों और गन हाउस मालिकों से साठगांठ कर कानपुर से असलहा खरीदते हैं और नक्सलियों तक पहुंचाते हैं।

जाँच एजेंसी सक्रिय

आपको बताते चलें कि एटीएस की जांच के अनुसार, सन 2014 से 2016 के बीच फर्जी शस्त्र लाइसेंस व फर्जी एनओसी पर प्रशासन ने ट्रांजिट लाइसेंस जारी कर दिए, जिस पर 25 रायफल यहां से खरीदकर बिहार में नक्सली गिरोह को सप्लाई की गईं। एक बार पुनः फर्जी लाइसेंस लाइसेंस जारी होने का खुलासा होने के बाद जांच एजेंसी सक्रिय हो गई है।

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पकड़े गये थे ISIS के संदिग्ध

बता दें कि 2017 में  कानपुर में ISIS के मॉड्यूल के संदिग्ध आतंकी पकड़े गए थे। चेकिंग के दौरान पकड़े गए संदिग्धों के पास जो कारतूस बरामद हुए थे, वे शहर के जिन चार गन हाउस से खरीदे गए थे, वहीं से ये 25 रायफल भी खरीदकर नक्सलियों को सप्लाई की गई है। ऐसे में आशंका है कि फिर से फर्जीवाड़ा कर असलहों की खरीद-फरोख्त शुरू हो गई है।

पैसों के लालच में हो रहा सब खेल

आपको बताते चलें कि उस समय की अपनी जांच के दौरान एटीएस ने जिले के बर्रा निवासी असलहा बाबू महेश सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। उसी ने असलहा तस्कारों, गन हाउस मालिकों से साठगांठ कर फर्जी एनओसी व फर्जी लाइसेंस पर ट्रांजिट लाइसेंस जारी किया था। एक बार फिर इसी तरह के खेल की आशंका है। जहां पैसों के लालच में असलहों की सप्लाई की जा रही है।

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