देवरिया जेल में शराब तस्कर खुलेआम कर रहा है मोबाइल फोन का इस्तेमाल !

देवरिया जेल में शराब तस्कर खुलेआम कर रहा है मोबाइल फोन का इस्तेमाल !

पिछले एक साल के दौरान उत्तर प्रदेश की जेलों में हत्या, कैदियों की पिटाई, कैदियों के पास मोबाइल फोन, व्यापारी का अपहरण कर जेल में उसकी पिटाई जैसी घटनाएं सामने आती रही हैं। लेकिन उसके बाद भी सरकार और जेल प्रशासन इसपर ध्यान नहीं दे रहा है। यही वजह है कि, जेलों में खुलेआम कैदी मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहे हैं। करीब एक महीने पहले शराब के तस्करी के मामले में देवरिया जिला जेल में बंद हुआ संतोष यादव ऊर्फ बजरंगी ऊर्फ सुंदर खुलेआम जेल से फोन पर लोगों से बात कर रहा है और उनसे जमानत के लिए पैसे मांग रहा है।

देवरिया जेल में बंद शराब तस्कर संतोष यादव जेल अधीक्षक केपी त्रिपाठी के संरक्षण में मोबाइल फोन इस्तेमाल कर रहा है और बाहरी लोगों से संपर्क बनाए हुए है। सूत्रों का दावा है कि, शराब तस्कर संतोष यादव बाहरी लोगों से अपनी जमानत के लिए मदद मांग रहा है। सूत्रों का ये भी कहना है कि, संतोष यादव जेल के अंदर खुलेआम मोबाइल फोन का इस्तेमाल करता है लेकिन जेल अधीक्षक केपी त्रिपाठी कोई भी कार्रवाई नहीं करते हैं। इससे ये साफ है कि, जेल अधीक्षक की शह पर संतोष यादव जेल के अंदर धड़ल्ले से मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर बाहरी लोगों से संपर्क साध रहा है।

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सूत्रों का कहना है कि, संतोष यादव जेल अधीक्षक के साथ सांठ-गांठ करके सारी सुविधाएं और मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहा है। गौरतलब है कि, संतोष यादव को शराब तस्करी के आरोप में पडरौना पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इससे पहले भी इसके खिलाफ गोरखपुर जिले के खोराबार थाने में अवैध शराब की तस्करी के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था। जिसमें ये फरार चल रहा था। वहीं इसी साल के फरवरी महीने में लखनऊ एसटीएफ ने करीब 50 लाख रुपये की अवैध शराब के साथ इसे गिरफ्तार किया था।

आपको बता दें कि, कुछ महीने पहले माफिया डॉन अतीक अहमद भी देवरिया जेल में बंद था और उसने जेल में रहते हुए लखनऊ से एक व्यापारी का अपहरण करवाकर जेल के अंदर उसकी पिटाई की थी। इसके साथ ही जेल में छापेमारी के दौरान उसकी बैरक से चाकू, कई मोबाइल फोन और सिम बरामद हुए थे। इन सब मामलों के बाद भी देवरिया जेल प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।

पिछले साल बागपत जेल में माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी की जेल के अंदर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मुन्ना की हत्या का आरोप उसी जेल में बंद कुख्यात अपराधी सुनील राठी पर लगा था। जेल के अंदर नाले से पिस्टल और कई गोलिया बरामद की गई थीं। इन सब वारदातों के बाद भी जेल प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है और शराब तस्कर संतोष यादव जैसों को चंद पैसों के लिए अधिकारी बेलगाम छोड़ रहे हैं और जेल के अंदर सारी सुविधाएं मुहैया करा रहे हैं।

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