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कुंभ को सुरक्षित बनाने में अपनी जान को कुर्बान कर गया ये जवान…

कुंभ को सुरक्षित बनाने में अपनी जान को कुर्बान कर गया ये जवान…

प्रयागराज में भव्य कुंभ में मुस्तैद जवान जन सुरक्षा और सुरक्षित कुंभ को लेकर रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान घायल हो गये थे, जिनकी इलाज के दौरान मौत हो गयी । बता दें कि कुंभ में एक श्रद्धालु को बचाने में घायल हुए एनडीआरएफ के जवान राजेन्द्र गौतम की दिल्ली के अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। हिमाचल प्रदेश के मूल निवासी राजेंद्र गौतम 11 एनडीआरएफ, वाराणसी यूनिट में तैनात थे। उनकी ड्यूटी कुंभ में लगी थी।

एक श्रद्धालु को बचाने के दौरान घायल हुआ NDRF का जवान:

जवान राजेंद्र गौतम ने कर्त्तव्य का निर्वहन करते हुए अपने प्राणों की आहुति देकर कुम्भ मेले में आपदा प्रबंधन में सर्वोच्च बलिदान दिया है। कर्तव्य की राह पर शहादत को प्राप्त हुए एन.डी.आर.एफ के नंबर 041630026 कांस्टेबल राजेंद्र गौतम के बलिदान को भुलाया नहीं जा सकता, जिन्होंने अपनी जान की परवाह न करते हुए गंगा नदी में डूबते हुए श्रद्धालू को बचाते हुए शहादत हासिल कर ली।

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पानी में किसी सख्त चीज़ से टकराने पर टूटी हड्डी:

दरअसल 19 फरवरी को कुम्भ, प्रयागराज सेक्टर 20 के सोमेश्वर घाट पर सुबह जब एक श्रद्धालू स्नान करते समय डूबने लगा तो वहां पर तैनात एन.डी.आर.एफ के सतर्क और सजग रेस्क्यू राजेंद्र गौतम ने बिना समय गँवाए अपनी जान की परवाह किये बिना श्रद्धालू को बचाने के लिए नदी में छलांग लगा दी और अपने कर्त्तव्य “आपदा सेवा सदैव” को सार्थक करते हुए श्रद्धालू की जान को अपनी जान से ज्यादा कीमती समझते हुए उन्हें पानी से बाहर निकालने लगे, लेकिन उसी दौरान पानी में किसी सख्त वस्तु से टकरा गए और खुद गंभीर रूप से घायल हो गए।

दिल्ली के अस्पताल में चल रहा था इलाज:

घायल अवस्था में भी उन्होंने डूबते व्यक्ति की जान बचाने को अपना परम कर्त्तव्य समझा और अचेतन अवस्था तक उस व्यक्ति का हाथ नहीं छोड़ा। उन्होंने डूबते श्रद्धालू को तो बचा लिया लेकिन अत्यधिक चोट के कारण अचेत होकर पानी में गिर पड़े और बेहोश होने तक पीड़ित श्रद्धालू को हॉस्पिटल ले जाने के लिए अपने साथियों से बोलते रहे।

शुक्रवार को इलाज के दौरान निधन:

जिसके बाद वे बेहोश होकर गिर पड़े और तुरंत साथी रेस्कुएर ने उन्हें नजदीकी सेक्टर हॉस्पिटल में भर्ती कराया। चोट की गम्भीरता को देखते हुए उन्हें सेक्टर हॉस्पिटल से सेंट्रल और फिर वहां से स्वरुप रानी जिला अस्पताल में भेज दिया गया। वहाँ जाँच के बाद पता लगा कि उनकी रीढ़ की हड्डी तीन जगह से टूट गयी है जिससे उनके कमर के नीचे का हिस्सा लकवाग्रस्त हो गया था। जिला चिकित्सालय ने अग्रिम उपचार हेतु राजेंद्र गौतम को सफ़दरजंग हॉस्पिटल नयी दिल्ली भेजने का सुझाव दिया।

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20 फरवरी को उनका ऑपरेशन हुआ था। 22 फरवरी को सुबह पांच बजे उनकी सांस थम गई। जवान के निधन पर परिजनों सहित एनडीआरएफ की स्थानीय यूनिट में शोक का माहौल है।

पटना निवासी थे जवान राजेंद्र गौतम:

पटना स्थित 9 वीं वाहिनी एन.डी.आर.एफ में कार्यरत नंबर 041630026 कांस्टेबल राजेंद्र गौतम निवासी गाँव लाहर, जिला विलासपुर हिमाचल प्रदेश, मूलरूप से बॉर्डर सिक्यूरिटी फ़ोर्स (BSF) के कर्मी हैं जिन्होंने वर्ष 2013 में एन.डी.आर.एफ को जॉइन किया था। शहीद को याद करते हुए सत्य नारायण प्रधान, महानिदेशक एन.डी.आर.एफ ने कहा कि, “शहीद राजेंद्र गौतम ने बिहार की भीषण बाढ़ व अन्य राहत बचाव कार्यों में उत्कृष्ट योगदान दिया है जिसके लिए एन.डी.आर.एफ बल उनके इस योगदान को सदैव याद रखेगा। कर्त्तव्य की राह पर कुर्बान हुए एन.डी.आर.एफ के जवान को हम सभी कार्मिक, उन्हें भावभीनी श्रद्धांजली देते हैं और उनकी आत्मा की शांति के लिए कामना करते हैं।”

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