वीडियो : डीजीपी साहब, अधिकारियों की तानाशाही का शिकार हैं ये पुलिसकर्मी

वीडियो : डीजीपी साहब, अधिकारियों की तानाशाही का शिकार हैं ये पुलिसकर्मी

आप को याद होगा 22 जुलाई 2018 को डीजीपी ओपी सिंह ने सूबे के सैकड़ों पुलिस कर्मियों के साथ शहर के एक प्रतिष्ठित ढाबे पर खाना खाया था….और कहा था कि, उनका मकसद सिर्फ इन पुलिस कर्मियों के साथ खाना खाना ही नहीं है बल्कि इसके जरिए सिपाही, दारोगा और अफसरों के बीच की दूरी को कम करने की एक कोशिश भी है….कोशिश कितनी कामयाब हुई ये तो पता नहीं चला लेकिन….ये पुलिसकर्मी आज भी अपने अधिकारियों की तानाशाही का शिकार हैं…और उनके बीच की दूरी कम होने के बजाय बढ़ती ही जा रही है….बीते कुछ दिनों में कई पुलिसकर्मियों ने इन अफसरों की पोल पट्टी खोलते हुए और अपने साथ हो रही नाइंसाफी को सोशल मीडिया के जरिए आलाधिकारियों तक पहुंचाने की कोशिश की….

औरैया जिले में अछल्दा थाने पर तैनात सिपाही ने थानेदार शशांक राजपूत पर न सिर्फ परेशान करने का आरोप लगाया बल्कि सिपाही का कहना है कि,….. एसएचओ शशांक राजपूत रिश्वत भी जमकर लेते हैं और पीड़ित की जाति देखकर कार्रवाई करते हैं….रो-रोकर अपनी आपबीती बताने वाले कांस्टेबल अवधेश अधिकारियों की मनमानी का शिकार हैं….शायद यही वजह है कि बिना डरे जिले के एसपी और डीएम से खुद को बर्खास्त करने की बात कह रहे हैं…..

अलीगढ़ जिले खैर की कोतवाली में तैनात हेड कांस्टेबल धर्मेद्र सिंह ने सीओ पंकज श्रीवास्तव पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि,…. सीओ साहब पिछले दो साल से उन्हें परेशान कर रहे हैं और लगातार उनका ट्रांसफऱ कर रहे हैं….पूछने पर कहते हैं कि, ये उनकी मर्जी है और वो जो चाहेंगे करेंगे…धर्मेंद्र सिंह का आरोप है कि, सीओ साहब ट्रांसफऱ न करने के लिए पैसे मांगते हैं और कहते हैं अगर पैसे दोगे तो ट्रांसफर नहीं होग…इतना ही नहीं समय से ड्यूटी पर जाने के बाद भी उन्हें एबसेंट कर दिया जाता है…

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प्रयागराज जिले के शंकरगढ़ थाने पर तैनात दारोगा मनोज कुमार ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर करते हुए एसएचओ भुवनेश कुमार चौबे पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है……

फिलहाल इन पुलिसकर्मियों के वायरल हुए वीडियो में कितनी सच्चाई है और उसपर आलाधिकारी क्या कार्रवाई करते हैं ये देखने वाली बात होगी….भले ही इन वीडियो की हकीकत कुछ और हो….लेकिन सवाल खड़े हुए हैं तो अधिकारियो को इसकी जांच कर पीड़ित पुलिसकर्मियों को इंसाफ दिलाने की जरुरत है और अगर आरोप झूठे हैं तो इनपर भी कार्रवाई होनी चाहिए….

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