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पूरी-पूरी रात केन नदी की सुरक्षा में तैनात रहते हैं SP और ASP

पूरी-पूरी रात केन नदी की सुरक्षा में तैनात रहते हैं SP और ASP

उत्तर प्रदेश के बांदा जिले की पुलिस को केन नदी की रखवाली में तैनात किया गया है। रात में एसपी और एएसपी भी निगरानी कर रहे हैं। इसकी वजह जानकार आपको भी हैरानी होगी। दरअसल, जिला प्रशासन ने चार दिन पहले ही संगीनों के साए में करीब 43 किलोमीटर लंबाई से केन नदी की जलधारा की खुदाई करवाई है। अब प्रशासन को डर है कि केन नदी पर फिर कब्जा न हो जाए, जिसके बचाव के लिए पुलिस बल तैनात हुआ है।

एसपी भी लगे हैं गश्त में 

पुलिस अधीक्षक लाल भरत कुमार पाल ने गुरुवार को बताया कि केन नदी की जलधारा की रखवाली के लिए शहर कोतवाली के हटेटी पुरवा से लेकर नरैनी कोतवाली के नसेनी गांव (करीब 43 किमी) तक केन नदी की निगरानी में पुलिस बल की तैनाती की गई है, ताकि सब्जी किसान या बालू पट्टाधारक जलधारा को रोक न सकें। उन्होंने बताया कि रात में पुलिस अधीक्षक और वह खुद भी नदी की तलहटी में गश्त दे रहे हैं।

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वहीं पेयजल संकट से जूझ रहे किसानों ने बांदा कचहरी के पास अशोक लॉट तिराहे में पीने का पानी उपलब्ध कराने की मांग को लेकर बुंदेलखंड किसान यूनियन के अध्यक्ष विमल शर्मा की अगुवाई में बुधवार से अनिश्चित कालीन आमरण अनशन पर हैं।

पानी को तरस गये हैं इलाकेवासी 

दरअसल, भूजल स्तर नीचे खिसक जाने से सरकारी-गैर सरकारी हैंडपंप व नलकूप पानी देना बंद कर देते हैं, फिर एक मात्र केन नदी की जलधारा ही आधे शहर के वाशिंदों के लिए हलक तर करने का सहारा रह जाती है। लेकिन, इस साल बालू पट्टाधारकों ने भारी-भरकम मशीनों से बीच जलधारा से बालू निकाल कर कृत्रिम आपदा पैदा कर दी और जलधारा ही समाप्त हो गई।

इस बीच बूंद-बूंद पानी को तरस रहे लोग पिछले एक हफ्ते से सड़क पर उतर कर प्रदर्शन कर रहे हैं। हालात बेकाबू होते देख जिला प्रशासन पिछले तीन दिनों से केन नदी की जलधारा की खोदाई कराने में जुटा है।

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