मिलिए ‘आक्सिपर’ और ‘कैम्पिनो’ से जो काशी में संभालते हैं बाबा दरबार की सुरक्षा

मिलिए ‘आक्सिपर’ और ‘कैम्पिनो’ से जो काशी में संभालते हैं बाबा दरबार की सुरक्षा

आक्सिपर और कैम्पिनो. ये दो ऐसे नाम है जो बनारस में काशी विश्वनाथ मंदिर की सुरक्षा का जिम्मा संभालते है. वैसे तो मंदिर की सुरक्षा में स्थानीय पुलिस, पीएससी, पैरामीलिट्री फोर्स के साथ स्पेशल कमांडो तैनात रहते हैं लेकिन सबसे अधिक बड़ी जिम्मेदारी आक्सिपर और कैम्पिनो के कंधों पर ही होती है. डॉग स्क्वायड दस्ते के सबसे महत्वपूर्ण सदस्यों में शामिल कैम्पिनो पिछले दस सालों से बाबा दरबार की सुरक्षा कर रहा है जबकि आक्सिपर दो सालों से इस काम में लगा हुआ है.

सुबह से लेकर रात तक देते हैं ड्यूटी

बनारस का काशी विश्वनाथ मंदिर आतंकियों की हिटलिस्ट में शामिल है. खुफिया एजेंसियों की तरफ से भी इसे लेकर समय-समय पर इनपुट आते रहते हैं. लिहाजा मंदिर की सुरक्षा में किसी तरह की कोताही नहीं की जाती है. मंदिर परिसर को रेड और यलो जोन में बांटकर सुरक्षा-व्यवस्था की गई है. इस बीच आक्सिपर और कैम्पिनों मंदिर में सुरक्षा की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं. दोनों बम और उससे संबंधित चीजों की पड़ताल करने में एक्सपर्ट हैं. दोनों मंदिर परिसर में तीन टाइम ड्यूटी देते हैं. इसके तहत सुबह बजेशाम बजे और रात 9.30 बजे मंदिर के चप्पे-चप्पे को खंगालते हैं.

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दोनों का बाबा दरबार से विशेष लगाव

आक्सिपर और कैम्पिनो जर्मन शेफर्ड ब्रिड के हैं. ऐसा नहीं है कि दोनों को विस्फोटक सूंघने में ही महारत हासिल है. बाबा दरबार से भी दोनों को विशेष लगाव है. आक्सिपर के हैंडलर संदीप कुमार सिंह बताते हैं कि बाबा के दरबार में पहुंचते ही दोनों के भाव बदल जाते हैं. मंदिर पहुंचते ही दोनों अपने तरीके से सैल्यूट करते हैं और फिर ड्यूटी में लग जाते हैं. मंदिर में चाहे कितनी ही भीड़ क्यों ना हो. आक्सिपर और कैम्पिनो कभी झल्लाते नहीं हैं. श्रद्धालुओं के बीच दोनों बेहद शांत तरीके से अपना काम करते रहते हैं.

आक्सिपर चंचल तो कैम्पिनो रहता है शांत

संदीप सिंह बताते हैं कि आक्सिपर अभी दो साल का है जबकि कैम्पिनो 12 साल का. दोनों के स्वभाव में काफी फर्क है. आक्सिपर जहां चंचल है. उसे उछल-कूद पसंद है तो दूसरी ओर कैम्पिनो शांत रहना पसंद करता है. संदीप कुमार सिंह बतलाते है मौसम व मूड के हिसाब से इनके खाने का भी अलग टेस्ट होता है. खाने में इन्हें मीटअंडा के अलावा भोजन में दूध व रोटी खूब पसन्द करते हैं.

इनपुट : विकाश यादव 

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