…तो मेरठ में ही छिपे हैं सारे बदमाश, पुलिस ने 100 अपराधियों की खोली हिस्ट्रीशीट

…तो मेरठ में ही छिपे हैं सारे बदमाश, पुलिस ने 100 अपराधियों की खोली हिस्ट्रीशीट

पश्चिमी यूपी के मेरठ में अपराधियों का एनकाउंटर करने को लेकर पुलिस लगातार सुर्खियों में बनी हुई है। आला अफसरों के निर्देश पर अपराधियों की धर पकड़ अभियान चलाई गई। जिसके तहत कई शातिर अपराधी अपराधी एनकाउंटर में या तो ढेर हो गए या फिर सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं। इसके बाद भी आलम ये है कि यहां अपराधियों की भरमार पड़ी हुई है। अपराधों का सिलसिला भी रुकते नहीं दिखाई दे रहा।

मेरठ पुलिस ने अब अपराधियों का पूरी तरह से खात्मा करने को लेकर बीड़ा उठा लिया है। अपराध को पूरी तरह से रोकने के लिए पुलिस ने पहली बार 100 अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोल दी है। अपराधियों की धर पकड़ को लेकर पुलिस ने इतनी बड़ी कार्रवाई पहली बार की है। इस एक्शन मूड के बाद अपराधियों की धड़कनें भी तेज हो गई हैं। वैसे भी एनकाउंटर के डर से पहले ही पुलिस के सामने कई शातिर अपराधी नतमस्तक हो चुके हैं।

एसएसपी अजय साहनी के मुताबिक जिले के कई हिस्ट्रीशीटर सलाखें में डाल दिए गए हैं। कई बदमाश एनकाउंटर के डर से जनपद ही छोड़कर भाग गए हैं। इसके बाद भी अपराधिक मामले बढ़ते जा रहे हैं। अपराधी हत्या, लूट, दुष्कर्म, रंगदारी जैसे अपराधों से बाज नहीं आ रहे। अपराधियों को सबक सिखाने के लिए एकसाथ 100 अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोली दी गई है। इनमें 35 नये गैंग को भी पंजीकृत किया गया है। हैरान करने वाली बात है कि जो नए हिस्ट्रीशीटरों की लिस्ट बनी है, उसमें बीजेपी, बीएसपी व सपा के कई कार्यकर्ता शामिल हैं। फिलहाल बता दें कि हिस्ट्रीशीटरों की बनी सूची में अपराधी किस पार्टी से जुड़ा है, इसका जिक्र नहीं किया गया है।

ऐसे बनाई गई हिस्ट्री शटरों की लिस्ट

पुलिस के मुता​बिक 29 थानों में जिन अपराधियों के नाम मामला दर्ज किया गया है, उनकी 10 दिनों तक डिटेल खंगाली गई। इसके बाद शाति अपराधियों को चिन्हित कर हिस्ट्रीशीट की लिस्ट तैयार की गई है। हिस्ट्रीशीटरों की बनी लिस्ट पर एसएसपी ने अपनी मुहर भी लगा दी है। जिन हिस्ट्रीशीटरों की लिस्ट बनी है, उनमें कई जमानत पर बाहर ही मौज काट रहे। अपराधियों को गिरफ्तार करने के लिए इनाम भी घोषित किया जा रहा है।

-बताते चलें कि वारदातों को लेकर जो हिस्ट्रीशीट खोली गई उनमें 6 जनवरी 2018 को सिविल लाइन क्षेत्र के मोहनपुरी में पोंटी चड्ढा ग्रुप की शराब कंपनी के कर्मचारियों से 18 लाख रुपये की लूटकांड वाली घटना को शामिल किया गा है। मामले में आरोपी प्रीतम, संदीप निवासी यादगारपुर निवासी सिविल लाइन और निखिल, राहुल निवासी कानपुर को पुलिस ने गिरफ्तार किया था।

– 12 अप्रैल 2018 को किठौर में शकील के घर में बदमाशों ने डकैती डालने के बाद रेशमा को मौत के घाट उतार दिया था। पुलिसे ने डकैती और हत्या मामले में बावरिया गैंग के डकैत फैजान, नाहिद और राजिक निवासी फिरोजपुर, संभल को गिरफ्तार किया था। वहीं, गैंग का सरदार मुखिया चंदू फरार है।

– 19 जून 2018 को मेरठ के शातिर बदमाशों ने दिल्ली के डॉ. श्रीकांत का अपहरण कर लिया था। इसके बाद परिजनों से पांच करोड़ रंगदारी की मांग की थी। इस अपहरण की वारदात को अंजाम देने में बदमाश सुशील के साथ ही उसयका भाई अनुज भी शामिल था। इन दोनों ही भाईयों की हिस्ट्रीशीट खोल दी है।

– मेरठ पुलिस ने हिस्ट्रीशीट में जिन अपराधियों की सूची तैयार की है, उनमें नए अपराधी भी शामिल हैं। इनमे देहली गेट थानाक्षेत्र के फैज-ए-आम (युवा सेवा समिति अध्यक्ष), हाजी सईद निवासी महताब थाना सदर बाजार, बीजेपी नेता विजय धामा निवासी रामनगर परीक्षितगढ़, कोतवाली क्षेत्र के बनीसराय निवासी शकील उर्फ पिस्टल व शाहिद उर्फ मुन्ना, दिनेश कुमार निवासी ब्रह्मपुरी हैं। इसके अलावा सलमान उर्फ लालू निवासी लिसाड़ीगेट, रविंद्र निवासी मेडिकल, सुरेंद्र निवासी परतापुर, विशाल कौशिक निवासी कंकरखेड़ा, भगत निवासी कंकरखेड़ा, अजय निवासी मेडिकल, अमित निवासी मेडिकल, शाहरुख निवासी किठौर, वसीम निवासी मुंडाली समेत अन्य अपराधियों के नाम शामिल किए गए है। जो अपराधी फरार हैं, उनको गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचाने को लेकर क्राइम ब्रांच को भी लगाया दिया गया है।

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