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आरके ज्वेलर्स लूटकांड: इस हिस्ट्रीशीटर का नाम आया पुलिस जांच में सामने

आरके ज्वेलर्स लूटकांड: इस हिस्ट्रीशीटर का नाम आया पुलिस जांच में सामने

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के आलमबाग स्थित आरके ज्वैलर्स में इसी साल मार्च में हुई लूट और दो लोगों की हत्या के मामले में पुलिस की तलाश एक हिस्ट्रीशीटर तक जा ठहरी है। पुलिस ने सारी कड़ियाँ जोड़ी तो एक नाम जो इस मामले में सामने आया है वो है, ‘हिस्ट्रीशीटर नम्बर 307-ए टिंकू’।  

मार्च को आलमबाग के आरके ज्वेलर्स में हुई थी लूट और डबल मर्डर:

2 मार्च को श्री आरके ज्वैलर्स में लूट के दौरान गार्ड देशराज और नौकर गुड्डू पटवा की हत्या के मामले में टिंकू पुलिस के शक के दायरे में है। लंबी छानबीन के बाद पुलिस ने अविनाश त्रिपाठी उर्फ़ एटी के साथ लूट की दो बड़ी वारदातों में शामिल टिंकू कपाला के संबंध ढूढ़ निकाले हैं। टिंकू आलमबाग में लूट और मर्डर के कुछ समय पहले ही जेल से पैरोल पर बाहर आया था। वारदात के दौरान उसकी लोकेशन लखनऊ में थी, हालांकि इसके बाद से फरार है।

बड़ोदरा और पुणे से जुड़े हैं आरके ज्वेलर्स लूटकांड के तार:

दरअसल,साल 2015 में एटी और टिंकू ने मिल कर बड़ोदरा के कल्याण ज्वेलर्स में करोड़ों की लूट को अंजाम दिया था, जिसमें चार और बदमाशों ने उनका साथ दिया था। वहीं पुणे की वही के जूलरी शोरूम में करोड़ों की लूट को अंजाम दिया गया था। इन दोनों वारदातों का लखनऊ के आरके ज्वेलर्स से कुछ कनेक्शन पुलिस ने ढूढ़ निकाला।

एटी के साथ हिस्ट्रीशीटर टिंकू का नाम आया सामने:

दोनों ही वारदातों में लूट का तरीका आरके ज्वेलर्स में हुई लूट और हत्या के जैसा ही था। तीनों वारदातों में समान हथियार के इस्तेमाल होने की भी जानकारी हुई। कड़ियां जोड़ने के बाद पुलिस ने एटी की फाइल खंगाला शुरू किया, जिसमें टिंकू का भी जिक्र है।

टिंकू है फरार, तलाश में जुटी पुलिस:

टिंकू के बारे में और जानकारी निकाली गयी तो पता चला कि अपराध की दुनिया में टिंकू छह अलग अलग नामों से पहचान बना कर अपराधिक मामलों को अंजाम दे चुका है। ये नाम हैं कपाला, कमल किशोर, हेमंत ठाकुर, संजय और मामा। टिंकू का सबसे चर्चित नाम कपाला है। टिंकू की तलाश में पुलिस जेल में बंद एटी के पास पहुँच गयी और पूछताछ में लगी हुई है।

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