एक हफ्ते में हुए चार शूटआउट, पुलिस गिरफ्त में एक भी आरोपी नहीं

एक हफ्ते में हुए चार शूटआउट, पुलिस गिरफ्त में एक भी आरोपी नहीं

अपराध के बढ़ते ग्राफ की असल सच्चाई उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले से सामने आई है, जहाँ मात्र एक हफ्ते में लगातार चार शूट आउट की वारदातों को अंजाम दिया गया। बैक टू बैक हुई इन वारदातों से न केवल जिला दहल गया बल्कि पुलिस के लिए भी चुनौती बन गया। बड़ी बात ये रही कि इस चुनौती में पुलिस फेल ही साबित हुई और ताबड़तोड़ गोलियां बरसा कर जिला दहलाने वाले अब तक पुलिस गिरफ्त में नहीं आ सके।

 झूंसी में ताबड़तोड़ चली गोलियां:

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में बदमाशों की चार आपराधिक मामलों से पुलिस की जमकर किरकिरी हुई। इनमे दो वारदातें झूंसी से जुड़ी हुईं हैं। बता दें कि पूर्व जिला पंचायत सदस्य अशोक यादव की गाड़ी पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं गईं। पिस्टल के अलावा कार्बाइन तक से हमला किया गया। इसी के ठीक बाद रंगदारी न देने पर विहिप नेता विजय कुमार अग्रवाल की दुकान में घुसकर उन्हें तीन गोलियां मार दी गईं। बाइक से आए शूटरों ने सरेआम सनसनी फैलाई और निकल भागे।

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अधिवक्ता सुशील कुमार की गोली मार कर हत्या:

वहीं ये दोनों मामले ठंडे भी नहीं पड़े थे कि फाफामऊ में अधिवक्ता सुशील पटेल की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस तीनों मामलों के दोषी शूटरों की तलाश में कई जिलों की ख़ाक छान रही थी, लेकिन हाथ एक भी नहीं लगा।

हालाँकि एक दौरान एक और हत्या का मामला सामने आ गया। जिसमें जिले के कटरा बाजार में नान बच्हिचा नाम के हिस्ट्रीशीटर की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई।

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