चुनाव के बाद DGP के सामने है ये एक बड़ी चुनौती…

चुनाव के बाद DGP के सामने है ये एक बड़ी चुनौती…

उत्तर प्रदेश प्रशासन की सतर्कता और प्लानिंग के चलते सातवें चरण में भी किसी भी तरह की कोई वारदात नहीं हुई जिसको लेकर यूपी पुलिस के मुखिया ने ट्वीट करके विभाग को बधाई दी है। अब इसी के साथ प्रशासन की सामने एक और बड़ी चुनौती आ गयी है और वो है मतगणना…जिसके लिए डीजीपी ने कवायद शुरू कर दी है। 

ये है बड़ी चुनौती 

दरअसल, लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण का मतदान रविवार को समाप्त होने के बाद पुलिस के सामने 23 मई को होने वाली मतगणना सबसे बड़ी चुनौती है। इसके लिए डीजीपी ओपी सिंह ने अर्धसैनिक बलों और पीएसी की 200 कंपनियों की मांग की है।

प्रदेश की 80 सीटों में से 40 ऐसी हैं जहां हार-जीत मामूली अंतर से होगी। ऐसे में कानून व्यवस्था बिगड़ने से निपटने के लिए डीजीपी मुख्यालय ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। मांगी गईं दो सौ कंपनियों में से 80 कंपनी अर्धसैनिक बल प्रदेश को उपलब्ध करा दिया गया है।

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डीजीपी मुख्यालय के सूत्रों के मुताबिक, जिन सीटों को संवेदनशील माना जा रहा है उसमें पश्चिमी यूपी की डेढ़ दर्जन सीटों के अलावा ‘क्लोज फाइट’ की पूर्वी व मध्य यूपी की 22 से 25 सीटें शामिल हैं।

वैसे तो प्रदेश में मतदान के लिए मिली अर्द्धसैनिक बलों की व्यवस्था 21 मई तक थी। डीजीपी मुख्यालय ने इसे 25 मई तक बरकरार रखने का अनुरोध किया है।

डीजीपी ने दी थी बधाई 

चुनाव को सकुशल निपटाने वाले सुरक्षा बलों को भी डीजीपी ओपी सिंह ने बधाई दी कि, ‘# लोकसभा चुनाव 2019 के 7 वें और अंतिम चरण का राज्य में शांतिपूर्वक समापन हो गया है। मैं उन सभी पुलिस और सुरक्षा बलों के प्रति आभार व्यक्त करने का अवसर लेता हूं जिन्होंने राज्य में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए कड़ी मेहनत की। जय हिन्द।’

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